पूर्णता
पूर्णता
विपदा के इस काल में
जहन में आई यह बात
पूर्णता क्या है?
पूर्णता बस एक शब्द मात्र है
असल में पूर्ण कुछ भी नहीं
ना हमारी जिंदगी
ना हमारी बंदगी
सब कुछ तो किसी को मिलता नहीं
रहने को अपना शहर नहीं
कहने को अपनों का साथ नहीं
हाथों में किसी का हाथ नहीं
सब कुछ पराया सा है यहाँ
हम तो फिर भी इंसान हैं
कर्म की ठोकर खाएंगे
नसीब में जो लिखा हमारे
उसे भोग कर जाएंगे
माँगने से मिल जाता सब कुछ अगर
भला कृष्ण बिना राधा रह जाती
पाकर साथ श्री राम का भी
क्या सीता माता वन में जीवन बिताती
किस्मत पर ना जोर किसी का
यहाँ कोई नहीं सगा किसी का
जिन्दगी की बस सच्चाई यही है
मिल जाएं जो दुआएं तुमको यहाँ
जीवन की असली कमाई यही है
संसार बस एक छलावा मात्र है
पूर्णता बस एक शब्द मात्र है
