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Afsana Wahid writes Wahid

Tragedy

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Afsana Wahid writes Wahid

Tragedy

पूर्ण रुप से स्वतंत्र

पूर्ण रुप से स्वतंत्र

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कब पूर्ण रूप से हुआ स्वतंत्र हमारा देश

यहां नारी के लिए सम्मान तो बहुत है कहता है यह हमारा देश

पर नारी के साथ ही हर पल घिनौना व्यवहार किया जाता है क्यों भूल जाता है यह हमारा देश

नारी प्रकृति का एक अनमोल तोहफा है हमें एहसास दिलाता है यह हमारा देश

और कुछ ही पल में उसी नारी को रेप से लहूलुहान कर देता है कैसा है यह हमारा देश

हम तो पूर्ण रुप से स्वतंत्र बरसों पहले

फिर भी नारी अपने इर्द-गिर्द बंद पिंजरा लेकर चलती है वाह रे मेरे देश

मानवता के रिश्ते ही तार-तार हो जाते हैं जब होता है एक नारी का रेप

ऐसा क्यों होता है रे मेरे देश

बेशक सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा

इसीलिए नारी को सम्मान दिलाना हक है हमारा



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