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Afsana Wahid writes Wahid

Tragedy

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Afsana Wahid writes Wahid

Tragedy

उसको भुलाना

उसको भुलाना

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माना कि आसान नहीं होता अपनी मोहब्बत को भुलाना

 मगर अगर याद रखेंगे तो ऐसा ना हो कि जमाना ही हमें भुला दे

कुछ जिंदगी की तल्खी यादें ही तो ऐसी होती है जो जिंदगी जीने का मजा देती है

इसके लिए हम खुद को सजा क्यों दे

परवान नहीं चढ़ी तुम्हारी मोहब्बत और आसान नहीं है उसको भुला ना

फिर भी कुछ काम ऐसा कर जाओ जो याद रखे तुमको जमाना।


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