STORYMIRROR

Asmita prashant Pushpanjali

Romance

2  

Asmita prashant Pushpanjali

Romance

पुकार

पुकार

1 min
363

गिरे रिमझीम सावन

पिया मन भावन

बाट निहारू आँगन

सखी रे आये ना साजन


छाया घनघोर अंधेरा।

कौन दिशा परदेसी मोरा

राह तकत होय सवेरा

दिखे ना चित चोर जरा


तन भिगोय बारिश फुहार

मन जलाय विरह ज्वार

मैं हूँ नाव तुम मजधार

आ जा मित मोरे सुन पुकार।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance