STORYMIRROR

jyoti pal

Romance

1  

jyoti pal

Romance

पता नहीं ???

पता नहीं ???

1 min
101

किस्मत मेरी खराब है

या तुम्हारी

पता नहीं...

क्यों खड़ी होती है,

हमारी जिंदगी में मुश्किले

एक अनसुलझे धागों की तरह

जिसे जितना सुलझाओ

उतनी ज्यादा अलझती जाती है,

जो तोड़ती हैं

हमे और तुम्हें

हमारी झोली में खुशियाँ नहीं

या तुम्हारी जिंदगी में सिर्फ दर्द है

पता नहीं ...


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance