STORYMIRROR

jyoti pal

Abstract

4  

jyoti pal

Abstract

नफरत ही कर लो

नफरत ही कर लो

1 min
188

आप स्नेह न सही नफरत ही कर लो

जिससे होती है नफरत

उसी से ज्यादा प्यार भी होता है

आप स्नेह न सही नफरत ही कर लो।


सुना है बहुत ज्ञानी हो आप

अपने ज्ञान प्रकाश से हमें भी भर दो

सुननी है आवाज तोड़ दो मौन

आप स्नेह न सही नफरत ही कर लो।


कोई फर्क नहीं पड़ता तुम किसी के भी बनो

जरूरी है बस! आप खुश रहो, उन्नति करो

नफरत ही सही, हृदय में हमारे लिए

आप स्नेह न सही नफरत ही कर लो।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract