पता नही चला मेरी बीबी बेमिसाल
पता नही चला मेरी बीबी बेमिसाल
कैसे निकल गए हमारी शादी के ये 24 साल
पता ही नहीं चला मेरी बीवी इतनी बेमिसाल
दुःख में सुख में सदा मेरे साथ रही
कोई भी बात हो सदा “हमारी” बात रही
मेरे जीवन को उसने रंगों से भर दिया
आभारी हूँ प्रभु जो ऐसा हमसफ़र दिया !
हमेशा जीवन को समझा ऐसा हमसफर दिया।
जीवन को खुशियों से कर दिया मालामाल
पता ही नहीं चला मेरी बीबी इतनी बेमिसाल।।
दुखो का था टूटा पहाड़
कभी विचलित होने नही दिया
ढाढस दिया हमेशा
नही आने दिया मुसीबतों का जाल
पता नही चला मेरी बीबी इतनी बेमिसाल।।
दूर भी रहा मै उनसे
दूरी का एहसास होने नही दिया
हमेशा दिया समझदारी का हाल
पता नही चला मेरी बीबी इतनी बेमिसाल।।
जब मैं परिवार से हो गया था अकेला
जब सबने मुझे कर दिया था अकेला
आगे बढ़कर दिया इसने साथ मेरा
मेरी हिम्मत की बढ़ाई इसने चाल
पता नही चला मेरी बीबी इतनी बेमिसाल।।
हमेशा रहता हूं घर से बाहर
घर को रखती है सहेजकर
बच्चो को देती है अच्छे संस्कार
संस्कारी घर को कर दी खुशियों से मालामाल
पता नही चला मेरी बीबी इतनी बेमिसाल।
मेरे माता पिता को अपना माता पिता समझती है
दिन रात उनकी सेवा करके ख्याल रखती है
एक बेटे की कमी होने नही देती
अपने से ज्यादा देती है उनको मान सम्मान
पता नही चला मेरी बीबी इतनी बेमिसाल।।
अंत में यही कहूंगा कि मिलो तुम मुझे हर जन्म में
जो इस बार खुशी न दे सका दू अगले जन्म में
बार बार मिलो तुम मुझे और मैं तुमसे
कुछ भी बदल देंगे मिलने के लिए हर काल
पता नही चला मेरी बीबी इतनी बेमिसाल।।
