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Geeta Upadhyay

Tragedy

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Geeta Upadhyay

Tragedy

पृथ्वी को स्वर्ग बनाएं

पृथ्वी को स्वर्ग बनाएं

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धरा दिवस की सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं


जीने की हर चीज से

इसका हर अंग अंग है भरा

संसार की अनमोल वस्तु

है धरा

हम पर इसका कर्ज 

है बड़ा 

आज हमने इसे विनाश की

कगार में लाकर किया है खड़ा 

मोटर गाड़ी फैक्ट्रियां चिमनिओं से

निकला धुआँ वह शोर

इसने कितना प्रदूषण 

फैला दिया है चारों ओर


ना जानें कब होगी

इस रात की भोर

अपने स्वार्थ के लिए

सब हो गए इतने भ्रष्ट

अपनी सुख-सुविधाओं के लिए

काट डाले हैं अनगिनत वृक्ष

अभी भी जाग जाओ ना 

करो इन्हें नष्ट

वरना सांस लेने में भी 

होगा कष्ट


चलो सब मिलकर

ये कसम खाए

सब मिलकर करें

कुछ ऐसे उपाय

कूड़ा करकट ना फैलाए

स्वच्छ रहें और पर्यावरण को भी

स्वच्छ बनाएँ

प्लास्टिक को भी ना अपनाएं

अपने चारों और सभी

एक एक वृक्ष लगाएं

अपनी जननी भूमि धरा को बचाएं

चलो सब मिलकर 

"पृथ्वी को स्वर्ग बनाएं"



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