Sanjay Pathade Shesh
Drama
वे
आजकल
बहुत प्रसन्नचित्त
नजर आ रहे हैं,
क्योंकि
अपने सारे
विरोधियों को
चारों खाने चित्त पा रहे हैं।
रेवड़ी
जनप्रतिनिधि
अजब दौर है
आदत
श्रद्धा बनाम ...
मोहरा
मोहरे
विश्वास
आश्वासन
हाइकू रचनायें
जिससे गर्मी, गर्मी रहे नहीं कोई मनु जले चहुँओर शीतल रहे अंदर-बाहर पतीले। जिससे गर्मी, गर्मी रहे नहीं कोई मनु जले चहुँओर शीतल रहे अंदर-बाहर पतीले...
यह कविता एक ऐसी रानी की है जो कभी देवदासी हुआ करती थी। किस तरह रानी बनने के बाद एक 'रानी' की मर्यादा... यह कविता एक ऐसी रानी की है जो कभी देवदासी हुआ करती थी। किस तरह रानी बनने के बाद ...
हमारे आज़ाद देश मे कोख की आजादी होनी चाहिए, जहाँ एक माँ अपने बच्चे को बिना डर के इस दुनि हमारे आज़ाद देश मे कोख की आजादी होनी चाहिए, जहाँ एक माँ अपने बच्चे को बिना डर के ...
मुझको हल्के में मत लेना, मैं मोद नहीं, मैं तो मोदी हूँ। मुझको हल्के में मत लेना, मैं मोद नहीं, मैं तो मोदी हूँ।
कुछ शब्द उधार दे दो मुझे कुछ शब्द उधार दे दो मुझे
कोई पराया हुआ अपना, कई अपने हुए पराये बने तो वो सात जन्मों के रिश्ते, कोई पराया हुआ अपना, कई अपने हुए पराये बने तो वो सात जन्मों के रिश्ते,
यूँ तो हमारे चारों तरफ़ बहुत सारे अंधविश्वास फैले हुये हैं , लेकिन अगर इन सबमें सबसे प्रचलित अंधविश्... यूँ तो हमारे चारों तरफ़ बहुत सारे अंधविश्वास फैले हुये हैं , लेकिन अगर इन सबमें ...
पहले क्यूँ ना चेता था, तब तो औरों का कफन, उसके लिए नीरा कपड़ा था, अब अश्रु की हर धारा से, उसके हृदय म... पहले क्यूँ ना चेता था, तब तो औरों का कफन, उसके लिए नीरा कपड़ा था, अब अश्रु की हर ...
पौराणिक कथाओं पर आधारित देवराज इंद्र का विवरण। पौराणिक कथाओं पर आधारित देवराज इंद्र का विवरण।
जिस तरह से तुम सो जाते हो मुझे प्यार हो गया धीरे-धीरे, और फिर एक बार में। जिस तरह से तुम सो जाते हो मुझे प्यार हो गया धीरे-धीरे, और फिर एक बार में।
क्योंकि तुम उसके भी हकदार नहीं हो क्योंकि तुम उसके भी हकदार नहीं हो
फिर से उनके चेहरे पे मुस्कुराहट खिला देना। फिर से उनके चेहरे पे मुस्कुराहट खिला देना।
हाथ में जो बचा है वक्त उसमें मरने के लिए क्या बचाता रहा। हाथ में जो बचा है वक्त उसमें मरने के लिए क्या बचाता रहा।
ये कविता एक एहसास है दिल टूट जाने का साथी छूट जाने का। कभी-कभी ऐसा भी होता है दिल टूट जाता है मन बहु... ये कविता एक एहसास है दिल टूट जाने का साथी छूट जाने का। कभी-कभी ऐसा भी होता है दि...
ससुराल से लौटते वक़्त ससुर जी ने, शगुन के तौर पर कुछ पैसे दिए ससुराल से लौटते वक़्त ससुर जी ने, शगुन के तौर पर कुछ पैसे दिए
फिर भी मांगती है हर पत्नी यही दुआ , भरा रहे उसका और उसके पति का बटुआ। फिर भी मांगती है हर पत्नी यही दुआ , भरा रहे उसका और उसके पति का बटुआ।
बहते बहते लुप्त हो गई तेरी आँखों के बसन्त में। बहते बहते लुप्त हो गई तेरी आँखों के बसन्त में।
कसम खुदा की उस दिन से मेरे दिल में तुम एक प्यार भरी गजल सी बन गयी। कसम खुदा की उस दिन से मेरे दिल में तुम एक प्यार भरी गजल सी बन गयी।
क्या हम कभी भूल पाएंगे वो दिन नहीं भूल पाएंगे नवोदय के वो दिन। क्या हम कभी भूल पाएंगे वो दिन नहीं भूल पाएंगे नवोदय के वो दिन।
गर गम जब भी कम मिलता था तब ही सबसे सुखमय जी गर गम जब भी कम मिलता था तब ही सबसे सुखमय जी