Sanjay Pathade Shesh
Drama
वे
आजकल
बहुत प्रसन्नचित्त
नजर आ रहे हैं,
क्योंकि
अपने सारे
विरोधियों को
चारों खाने चित्त पा रहे हैं।
रेवड़ी
जनप्रतिनिधि
अजब दौर है
आदत
श्रद्धा बनाम ...
मोहरा
मोहरे
विश्वास
आश्वासन
हाइकू रचनायें
आखिर सांस तो वो तो अंग्रेजों से लड़े फांसी पर भी वो फांसी पर भी वो तो मुस्कुराते हुए चढ़े आखिर सांस तो वो तो अंग्रेजों से लड़े फांसी पर भी वो फांसी पर भी वो तो मुस्क...
तुम एतबार हम पर कर सकती है, दिल में झांककर क्यूं देखती नहीं? तुम एतबार हम पर कर सकती है, दिल में झांककर क्यूं देखती नहीं?
तथाकथित दिग्गज नाट्याभिनेताओं को अक्सर बड़ी कुशलतापूर्वक अपना-अपना झूठा किरदार तथाकथित दिग्गज नाट्याभिनेताओं को अक्सर बड़ी कुशलतापूर्वक अपना-अपना झूठा कि...
सीता-राम मेरे हृदय बसते, दुनिया देखेगी आज भक्ति मेरी।। सीता-राम मेरे हृदय बसते, दुनिया देखेगी आज भक्ति मेरी।।
फिर एक पल एहसास करने की कोशिश करता हूँ फिर एक पल एहसास करने की कोशिश करता हूँ
ओ मोरी, बेचैनी का रंग भी अब ढलता जाए. ओ मोरी, बेचैनी का रंग भी अब ढलता जाए.
हर तरफ ही बेईमानों को पाऊं किधर जाकर में आज नहाऊं हर तरफ ही बेईमानों को पाऊं किधर जाकर में आज नहाऊं
जिस दिन तू जाये, जग छोड़कर खुदा, मुझे भी बुला ले उस, वक्त पर जिस दिन तू जाये, जग छोड़कर खुदा, मुझे भी बुला ले उस, वक्त पर
पाप व्याभिचार यश अपयश कर्म अकर्म पाप व्याभिचार यश अपयश कर्म अकर्म
हिंदी नववर्ष को कहते है, विक्रम संवत ईसा पूर्व से चला, हमारा नववर्ष उत्कर्ष हिंदी नववर्ष को कहते है, विक्रम संवत ईसा पूर्व से चला, हमारा नववर्ष उत्कर्ष
सृजनकर्ता मां रूपी उक्ति है मातारानी का हर रूप स्त्री है सृजनकर्ता मां रूपी उक्ति है मातारानी का हर रूप स्त्री है
इसने तोड़ दी है, स्वर्ण पदक की उम्मीद हमारी इसने तोड़ दी है, स्वर्ण पदक की उम्मीद हमारी
ये महकती खुशबू से मैं बना हूं मस्ताना, ये महकती खुशबू से मैं बना हूं मस्ताना,
महफ़िल में आ कर तू रंगत जमाना। महफ़िल में आ कर तू रंगत जमाना।
वो पलायनवादी मनोभाव के अत्यंत आराम परस्त व्यक्ति हैं। वो पलायनवादी मनोभाव के अत्यंत आराम परस्त व्यक्ति हैं।
तुझसे दिल मिल गया और दिल की धड़कने बढ़ गई। तुझसे दिल मिल गया और दिल की धड़कने बढ़ गई।
तुम्हारी धड़कन को सुनकर, हम इश्क का तराना गाते है। तुम्हारी धड़कन को सुनकर, हम इश्क का तराना गाते है।
कभी तो चेहरा दिखाया करो सनम, हम तुमसे मोहब्बत करते है। कभी तो चेहरा दिखाया करो सनम, हम तुमसे मोहब्बत करते है।
जिसको प्रेम की चाह नहीं है, उसको अपनी परवाह नहीं है। जिसको प्रेम की चाह नहीं है, उसको अपनी परवाह नहीं है।
उनकी हवा से भी दूर रहे, जो जलते है। जलनेवाले सर्प से ज्यादा विष उगलते है उनकी हवा से भी दूर रहे, जो जलते है। जलनेवाले सर्प से ज्यादा विष उगलते है