STORYMIRROR

ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Romance

4  

ANANDAKRISHNAN EDACHERI

Romance

प्रिय सखी, तू कहाँ ?

प्रिय सखी, तू कहाँ ?

1 min
313

चाह न चख प्रिय मिलन की

तू सखी प्रिय कहाँ रहती ?

निकट मोहित लौटती है,

निज सदन से निकला क्यों ?


इंद्रधनुषी मेघ सा छा

डूबता मन लुब्ध मंडिन

प्यार तुझको दे दिया था

तू सखी प्रिय कहाँ रहती ?


 वर मिलन की सुखद क्षण में

अधर मधुमय मदिरा पी ली

नयन दल बरसाती थी प्रेम

तू सखी प्रिय कहाँ रहती ?


शुभ्र तारक मालिका में

नील विस्त्रृत विशद नभ में

चाँदनी की स्वच्छता लख

मत्त बिसमर रहे थे हम।


आश तेरे हृदय में रख

तू सखी प्रिय कहाँ रहती ?

प्रिय सखी तू कहाँ रहती

प्रिय सखी तू है कहाँ ?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance