STORYMIRROR

रिपुदमन झा "पिनाकी"

Inspirational Others

4  

रिपुदमन झा "पिनाकी"

Inspirational Others

परिवार

परिवार

1 min
338

परिवार बड़ा या छोटा हो।

मन खरा रहे या खोटा हो।

रिश्तों में अपनापन रखना-

खुशियों में न कोई टोटा हो।


सब में मधुरिम संबंध रहे।

एक दूसरे से आबद्ध रहे।

मन में न कोई कड़वाहट हो-

तन मन से प्रतिज्ञाबद्ध रहे।


आपस में प्रेम लगाव रहे।

जीवन में चाहे अभाव रहे।

ना लेशमात्र हो क्लेश कभी-

सर पर परिवार की छांव रहे।


घर आंगन में खुशियां चहके।

जीवन चंदन वन सा महके।

खिलती बढ़ती हो प्रेम लता-

हर रिश्ता कुन्दन सा लहके।


जहां ग़म में भी खुशहाली है।

दुःख में भी जहां दीवाली है।

निस्वार्थ भाव से हृदय भरा-

रिश्तों की यही हरियाली है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational