STORYMIRROR

Dinesh Sen

Abstract

2  

Dinesh Sen

Abstract

प्रीत

प्रीत

1 min
161


राधा जब क्रष्णा संग झूले

बीती रात कमल दल फूले


राधा रूप निरख जब 

कान्हा सुध बुध भूले

बीती रात कमल दल फूले


ज्यों उजियारी रात 

रात में मुखड़ा चमके पूरे

बीती रात कमल दल फूले


नयन नयन से मिले

नयन से ज्यों चित चित को छू ले

बीती रात कमल दल फूले



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract