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Mehul Patel

Abstract Inspirational

3  

Mehul Patel

Abstract Inspirational

तू खोज...।

तू खोज...।

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इधर उधर ढूंढ़ क्या रहा है?

तू खोज अपने भीतर।


समस्याओं में क्यूँ उलझा रहता है?

तू ही तो उसका समाधान है!


आँसुओं को छुपाए तू रोता क्यूँ है?

तू खोज, तेरे भीतर ही तो जवाब है।

 

तू ही तेरा विश्वास है,

तू ही तेरा अभिमान है।


तू खुद को खोज,

तू ही तो तेरा हल है।



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