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Mehul Patel

Others

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Mehul Patel

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आलस

आलस

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कल कल करते वक्त गुज़र जाता है,

आनेवाला कल भी आज बन जाता है।


कल कल करते आज भी गुज़र जाता है,

राह देखते देखते आज भी भूतकाल बन जाता है।


इस तरह सारा वक्त गुज़र जाता है

आलस में सारा स्वप्न बिखर जाता है।



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