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प्रेमयाद कुमार नवीन

Tragedy

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प्रेमयाद कुमार नवीन

Tragedy

प्रेमयाद का प्रतीक

प्रेमयाद का प्रतीक

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करीब नहीं आज वो मेरे, पर ये इश्क़ रहेगा।
उम्मीद यही ख़्वाबो ख़्यालों मेंसब ठीक रहेगा

इस कदर डूब कर चाहा है उसको कि अब
दूर रहकर भी वो मेरे दिल के बेहद नज़दीक रहेगा

ज़माने की बंदिश से डर कर वो पीछे हटा तो क्या
फिर भी उसकी यादों में ये दिल शरीक रहेगा

टूटा है दिल तो ये अब शायरी बन के धड़केगा
तन्हाई के सफ़र में बस यही मेरा रफ़ीक़ रहेगा

मिटा न पाएगी 'नवीन' की इस चाहत को दुनिया
कि रूह में ज़िंदा 'प्रेमयादका प्रतीक रहेगा

-प्रेमयाद कुमार नवीन (नवीं)

जिला - महासमुन्द (छःग)


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