प्रेम की अनंतता
प्रेम की अनंतता
किसी के वियोग की पीड़ा मीरा से पूछो,
अनंत प्रेम हो फिर बिछड़ने का ग़म कृष्ण से पूछो।
पता हो कि फिर न मिलना होगा, जानकर बिछड़ना पड़े,
ऐसी अनंत पीड़ा का भार क्या होगा, राधा से पूछो।
वियोग में कोई कैसे वैरागी हो जाता है, ये शिव से पूछो,
भगवान का अनंत तक इंतज़ार क्या होता है, पार्वती से पूछो।
प्रेम के बिछड़ने के बाद कोई कैसे निरोगी से रोगी हो जाता है,
अगर जानना हो तुम्हें भी, तो बेझिझक प्रेमयोगी से पूछो।
- निलेश प्रेमयोगी

