kuldeep Singh
Fantasy Inspirational
रोज गहरे घाव खाना और रोना है सुनिश्चित
रात में नींदो का उड़ना चैन खोना है सुनिश्चित
है कठिनतम प्रेम पथ ये हम बखूबी जानते पर
टूटना संयम का तय है प्रेम होना है सुनिश्चित।।
पागल जैसी इक ...
हमने छोड़ दिय...
प्रेम होना है...
क्या रखा है प...
सार्थक कर देते हो मुझे अपने श्वास के संग लेकर मुझे। सार्थक कर देते हो मुझे अपने श्वास के संग लेकर मुझे।
में सिमट कर बैठ जाने वा मन करता बस ऐसे ही जिन्दगी जीने का मन करता। में सिमट कर बैठ जाने वा मन करता बस ऐसे ही जिन्दगी जीने का मन करता।
एक अरसा था जब तुमने.. हमारे संग.... ईद भी मनाई थी। एक अरसा था जब तुमने.. हमारे संग.... ईद भी मनाई थी।
वो वक्त आने पर कह गए अपनी औकात देख लो। वो वक्त आने पर कह गए अपनी औकात देख लो।
ये देश की शान हैं बढ़ाते क्योंकि इनका संरक्षण हम हैं करते। ये देश की शान हैं बढ़ाते क्योंकि इनका संरक्षण हम हैं करते।
खुशी और गम के साये जीवन में जब भी आये खुशी और गम के साये जीवन में जब भी आये
चलिए अब दिल की तलब का इजहार किया जाएं। चलिए अब दिल की तलब का इजहार किया जाएं।
गगन अपलक निहारता जाए मौन धरा का मन हर्षाये। गगन अपलक निहारता जाए मौन धरा का मन हर्षाये।
तू मुझे चाहे या ना चाहे ये है मर्जी तेरी, मेरी किस्मत में कोई आ जाए ना यहीं कहीं पर। तू मुझे चाहे या ना चाहे ये है मर्जी तेरी, मेरी किस्मत में कोई आ जाए ना यहीं क...
अब किसी शख्स की आदत नहीं होती मुझको.. अब किसी शख्स की आदत नहीं होती मुझको..
सही और गलत की कशमकश मुझे झकझोर जाती है सही और गलत की कशमकश मुझे झकझोर जाती है
टाइम कभी नहीं आयेगा यारों जो चल रहा है यहीं तो टाइम है टाइम कभी नहीं आयेगा यारों जो चल रहा है यहीं तो टाइम है
ये बात पक्की है किसी दबाब में ये गुनाह किया होगा। ये बात पक्की है किसी दबाब में ये गुनाह किया होगा।
दूसरों की भूख मिटाने से मन को शांति मिलती है। दूसरों की भूख मिटाने से मन को शांति मिलती है।
फिर भी फासले है, क्यों हम दोनों के दरम्यान। फिर भी फासले है, क्यों हम दोनों के दरम्यान।
जानती हो चांद ने क्या कहा चांद ने भी मुस्कुराकर तुम्हारा ही ज़िक्र किया। जानती हो चांद ने क्या कहा चांद ने भी मुस्कुराकर तुम्हारा ही ज़िक्र किया।
भरोसे से ही जीत है, तो क्या हुआ, जो सब कुछ अभी विपरीत है।। भरोसे से ही जीत है, तो क्या हुआ, जो सब कुछ अभी विपरीत है।।
श्रृंगार का साधन बनती काश मैं फूल होती.. श्रृंगार का साधन बनती काश मैं फूल होती..
सूरज की पहली किरण पड़ती है चोटी पर कभी धूप है कभी छांव हर पहर सूरज की पहली किरण पड़ती है चोटी पर कभी धूप है कभी छांव हर पहर
बदगुमान इश्क तेरी चाहत में जीता मरता हूं.. बदगुमान इश्क तेरी चाहत में जीता मरता हूं..