kuldeep Singh
Fantasy Inspirational
रोज गहरे घाव खाना और रोना है सुनिश्चित
रात में नींदो का उड़ना चैन खोना है सुनिश्चित
है कठिनतम प्रेम पथ ये हम बखूबी जानते पर
टूटना संयम का तय है प्रेम होना है सुनिश्चित।।
पागल जैसी इक ...
हमने छोड़ दिय...
प्रेम होना है...
क्या रखा है प...
उनकी जब झुकती है निगाह देखकर हमें, ख़ामोश रह कर भी सब कुछ बता देती है। उनकी जब झुकती है निगाह देखकर हमें, ख़ामोश रह कर भी सब कुछ बता देती है।
मन लगाकर पढ़ेंगे तो, बनेंगे ज्ञाता, नहीं तो श्रोता, मन लगाकर पढ़ेंगे तो, बनेंगे ज्ञाता, नहीं तो श्रोता,
मां- बाप की सीख को बन्दगी समझ लेते हैं ऊंची उड़ान की जोश में होश खो जाते हैं। मां- बाप की सीख को बन्दगी समझ लेते हैं ऊंची उड़ान की जोश में होश खो ...
उत्साह नया भर के सबके मन में हो कर थोड़ा उदास ये जाने को अब तैयार हुआ..! उत्साह नया भर के सबके मन में हो कर थोड़ा उदास ये जाने को अब तैयार हुआ..!
सांसों में बहता लहू की तरह सुलझाते हैं सारे चिंतन मेरी। सांसों में बहता लहू की तरह सुलझाते हैं सारे चिंतन मेरी।
क्या अल्फाजों में छुपे दर्द को महसूस किया है। क्या अल्फाजों में छुपे दर्द को महसूस किया है।
हे प्रभु ! ये विनती हैं तुमसे, रख लीजो अपने चरणों में....... हे प्रभु ! ये विनती हैं तुमसे, रख लीजो अपने चरणों में.......
कलम की दुनिया में आना जरा स्टोरी मिरर पर स्टेटस तो होगा कलम की दुनिया में आना जरा स्टोरी मिरर पर स्टेटस तो होगा
अन्दर से हो चुकी पुरानी मूरत आओ बनाएं बेहतर आज को। अन्दर से हो चुकी पुरानी मूरत आओ बनाएं बेहतर आज को।
एक नया चमन खिला हरियाली राहों से रिमझिम सी बूंदों में एक नया चमन खिला हरियाली राहों से रिमझिम सी बूंदों में
सभी को देते हैं हम नए साल की शुभकामनाएँ।। सभी को देते हैं हम नए साल की शुभकामनाएँ।।
मूरत खुद की हर सुबह शाम अब उनकी पूजा होने लगी है।। मूरत खुद की हर सुबह शाम अब उनकी पूजा होने लगी है।।
ठंड का मौसम आया है देखो सेहत सबकी बनालो अब। ठंड का मौसम आया है देखो सेहत सबकी बनालो अब।
उसके प्यार ने मुझे शायर बना दिया। उसके प्यार ने मुझे शायर बना दिया।
हरपल बस तुम्हारे साथ गुजारू मैं तुम्हारी साहिबा बनूँ रहूँ हरपल बस तुम्हारे साथ गुजारू मैं तुम्हारी साहिबा बनूँ रहूँ
कहूँगा आँखों को नीरज, और चेहरे को चाँद और सूरज। कहूँगा आँखों को नीरज, और चेहरे को चाँद और सूरज।
हक़ है एक बेवा को भी घर बसाने का, अपने अरमानों को पंख लगाने का। हक़ है एक बेवा को भी घर बसाने का, अपने अरमानों को पंख लगाने का।
उसने आजमाया मेरी मोहब्बत को कुछ यूँ , बस नयनों को उसने नहला कर छोड़ दिया। उसने आजमाया मेरी मोहब्बत को कुछ यूँ , बस नयनों को उसने नहला कर छोड़ दिया।
जैसे सुमन में, खुशबू रहतीं.. तुमको अपना मान लिया सब, जैसे सुमन में, खुशबू रहतीं.. तुमको अपना मान लिया सब,
ऐसा लगे जैसे मिल जाए हमें खुदा का साथ, जब हाथों में हो हरदम तेरा हाथ। ऐसा लगे जैसे मिल जाए हमें खुदा का साथ, जब हाथों में हो हरदम तेरा हाथ।