" प्रेम दिवस"
" प्रेम दिवस"
ढाई आखर प्रेम है जीवन की सच्चाई,
इस प्रेम को जिसने समझ लिया ,
उसने जिंदगी को गहराई से जी लिया ,
अपने जीवन में सफलता हासिल कर लिया ।
इतिहास गवाह है विभिन्न प्रेमियों
की जोड़ी की ।
वह सीता - राम हो या राधा - कष्ण
प्रेम ने सदा ही विजय पाई है।
पाॅंचवी शताब्दी के अंत तक सेंट
गेलेसियस ने १४ फरवरी को
सेंट वेलेंटाइन - डे घोषित किया
था ।
जेफ्री चौसर ने अपनी कविता में
वेलेंटाइन डे को रोमांटिक उत्सव
के में रूप में माना है ।
यही परम्परा भारत में भी आई
१४ फरवरी को प्रेम दिवस के रूप
में मनाया जाने लगा ।
दिवस प्रेम का है तो खुशबू हवा में
लहराएगी ही।
युवकों - युवतियों के लिए यह दिन
बहुत मायने रखता है।
इस दिन वे अपने प्रेम को एक नये
अंदाज में अटूट बंधन में बाॅंधते हैं।
बुजुर्गों के लिए यह दिन अपने
बिताए हुए प्रेम को संजो के
रखने का है।
गुलाब की खुशबू की तरह अपने
प्रेम को सात जन्मों तक साथ -
साथ चलने का है।
प्रेम दिवस की हार्दिक बधाई।

