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Arunima Bahadur

Abstract

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Arunima Bahadur

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प्रेम दीवानी

प्रेम दीवानी

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मैं तो एक प्रेम दीवानी,

भोले तेरे नाम की।

दर्शन को अखियां प्यासी,

भोले तेरे धाम की।


जब जब तुझे खोजा, 

मन व्याकुल हो चला।

मन के अंदर जो देखा,

तू मुस्काता ही मिला।


न रही फिर अंखिया प्यासी,

न प्यास रही तेरे नमम की।

मन मे जो तेरा धाम पाया,

हर पल ही तुझे मैंने ध्याया।।


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