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Neelam Sharma

Fantasy Inspirational

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Neelam Sharma

Fantasy Inspirational

प्रेम और बलिदान की गाथा

प्रेम और बलिदान की गाथा

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उन्मुक्त प्रीति कान्हा उन्मुक्त भाव राधा।

चाहा तुम्हें सभी ने मन राधिका ने साधा ।

माधौ का दिल फँसा है, राधे की सादगी में,

ख्वाबों में रम गया है, री! रूप उसका सादा।

हूँ उससे रू-ब-रू मैं जब आईने में देखूँ,

री! किस तरह से देखूँ मैं शुक्ल चाँद आधा।

नैना झुके- झुके से, साँसें रुकी -रुकी सी

अल्फ़ाज़ थे नशीले, था जाने क्या इरादा।

पहले भी लोग 'नीलम' थे ज़िंदगी में आए,

लेकिन हमें रुलाया उसने सुनो ज़ियादा।



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