प्रभु की सच्ची भक्ति।
प्रभु की सच्ची भक्ति।
हम हैं इंसान,
हम में एक,
अनोखी बात।
हम करते,
आपस में प्यार,
रहते भाईचारे के साथ।
जब प्यार हो जाता,
इंसान एक दूसरे के लिए,
वफादार हो जाते।
वो कभी,
एक दूसरे का,
बुरा नहीं चाहते।
उनकी हिंसा वाली प्रवृत्ति,
अहिंसा में बदल जाती।
उनका शिष्टाचार,
बेहतरीन हो जाता।
सबका आदर सम्मान,
उन्हें आ जाता।
कोई बैर विरोध नहीं रहता,
बस चारों तरफ,
प्यार ही प्यार बहता।
एक दूसरे को,
देखते ही,
ऊर्जा का स्तर,
उच्च कोटि पर पहुंच जाता।
काम करने की क्षमता,
बहुत बढ़ जाती।
भगवान में,
आस्था हो जाती।
इंसान नास्तिक नहीं रहता,
हर बात को,
सकारात्मकता से सोचने लगता।
जो गुण,
इतना सदगुण,
तो वो,
प्रभु से मिलाने का,
सबसे उपयुक्त तरीका ही हो सकता।
मेरा तो मानना,
विद्यार्थियों को,
नैतिक मूल्य अवश्य पढ़ायें,
और उनमें,
कुछ अध्याय,
प्यार के भी सिखाएं।
