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Amol Nanekar

Classics

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Amol Nanekar

Classics

पराया

पराया

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आसमान भी राखी के इस त्योहार पर

 पूरा जाम हो जाये

देश की सारी बहनों की सुरक्षा 

हर एक भाई के नाम हो जाये।


यह धागा इतना मजबूत हो की

पराया शब्द भी नीलाम हो जाये

देश की बहनों के लिए

ऐसा कवच बनाओ

की वक्त भी हमारा गुलाम हो जाये।


बहन अपनी हो या परायी 

अब उसकी सारी

मुश्किलें नाकाम हो जाये

आज से देश की हर बहन की सुरक्षा

हर एक भाईका काम हो जाये।


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