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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

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Divyanshi Triguna

Abstract Romance Fantasy

पल वो जीवन के..!

पल वो जीवन के..!

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पल वो जीवन के, 

साँवरे संग के,

अनुपम छवि हैं उनकी, 

अद्भुत वर मन के..


सुन्दर पल मन के, 

साँवरिया संग के,

तेज जो झलके मुख मंडल से, 

अद्भुत हृदय वर मन के..


साँवरिया के पल वो सुहाने रे, 

यादगार हैं जीवन के तराने रे..

मनमोही, मनमोहन नाम तेरे

लगें ऐसे, जैसे सारे मेरे......


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