Rekha Shukla
Drama Romance
पिया तोसे मिलने छोड़ा है सारा जहाँ
सजना तेरे बिन रात दिन रहा जाए ना...
ज़ख़मी सांसे ...
माँ
रूठे
शब्द
एक लम्हां सो ...
पायल
ख़ुदा
रंग कलम से बे...
सैयो
ओ' परवर दिगार...
लौट आ माँ कुछ वक्त उधार दे, रोक लूं में वो पल जो तुझे मुझसे ले गया था। लौट आ माँ कुछ वक्त उधार दे, रोक लूं में वो पल जो तुझे मुझसे ले गया था।
आपने सिखाया कैसे, जलाएं स्वाभिमान मोमबती। आपने सिखाया कैसे, जलाएं स्वाभिमान मोमबती।
तू मुझे ऐसी ज़िन्दगी से मिला जो मेरे सिवा किसी और को देख ना सका तू मुझे ऐसी ज़िन्दगी से मिला जो मेरे सिवा किसी और को देख ना सका
तेरा मेरे संग चलना, मानो मन की मंजिल अब पास है। तेरा मेरे संग चलना, मानो मन की मंजिल अब पास है।
की मोहे कब श्याम मिलेंगे, मैं भटकी हूं दर दर की मेरी मेरे श्याम सुनेंगे। की मोहे कब श्याम मिलेंगे, मैं भटकी हूं दर दर की मेरी मेरे श्याम सुनेंगे।
जो लिखती भी वो खत, तो आखिर किस ठिकाने पहुंचता वो खत, जो लिखती भी वो खत, तो आखिर किस ठिकाने पहुंचता वो खत,
सुनी अनसुनी सी कहानी, कुछ आहत थी कलम और पन्ने पर चीख उठी कहानी, सुनी अनसुनी सी कहानी, कुछ आहत थी कलम और पन्ने पर चीख उठी कहानी,
उसी तरह इन नन्ही परियों ने सभी का जीवन बदल डाला। उसी तरह इन नन्ही परियों ने सभी का जीवन बदल डाला।
मिट्टी खिलौना कुम्हार का जो मन चाहे रूप दे। मिट्टी खिलौना कुम्हार का जो मन चाहे रूप दे।
बेपरवाह बात पर यूं ही फिर मुस्कुराते हैं। बेपरवाह बात पर यूं ही फिर मुस्कुराते हैं।
दिखावे के हैं राम बने सब किसी के हृदय में तेरा बसेरा नहीं।। दिखावे के हैं राम बने सब किसी के हृदय में तेरा बसेरा नहीं।।
कार्तिकेय की होती पूजा, जिनकी जननी स्वयं माँ दुर्गा॥ कार्तिकेय की होती पूजा, जिनकी जननी स्वयं माँ दुर्गा॥
नहीं ठहरूंगा तुमसे डरकर मौसम तुम आवारा हो...! नहीं ठहरूंगा तुमसे डरकर मौसम तुम आवारा हो...!
खुदा तुझ से एक जिन्दगी उधार मांग रहे हैं हम। खुदा तुझ से एक जिन्दगी उधार मांग रहे हैं हम।
तेरे मिलन का प्यासा हूँ सनम मैं, प्यास मेरी तू मिटा जाना, तेरे मिलन का प्यासा हूँ सनम मैं, प्यास मेरी तू मिटा जाना,
सुंदरता नहीं बस माँ, गोरा रंग गोरा स्वरुप। साहस, शौर्य, आत्मरक्षा, सच्ची सुंदरता के रू सुंदरता नहीं बस माँ, गोरा रंग गोरा स्वरुप। साहस, शौर्य, आत्मरक्षा, सच्ची सुंद...
जो सांसों में रखता सत्य, सादगी की लय करो, भक्ति पवनतनय, रहोगे, सदा विजय। जो सांसों में रखता सत्य, सादगी की लय करो, भक्ति पवनतनय, रहोगे, सदा विजय।
घर भर देती खुशी, सुंदर छवि मां होती, मां के दर्शन कर लो, दूर नहीं जाइये।। घर भर देती खुशी, सुंदर छवि मां होती, मां के दर्शन कर लो, दूर नहीं जाइये।।
ना कर तू ठिठोली, तुझे पुकारे मेरी सूनी हथेली, ना कर तू ठिठोली, तुझे पुकारे मेरी सूनी हथेली,
सच्ची भक्ति यही, साखी मातारानी की बहुता गर हर कन्या को समझे, हम मातारानी रूपा। सच्ची भक्ति यही, साखी मातारानी की बहुता गर हर कन्या को समझे, हम मातारानी रूपा...