फरवरी
फरवरी
शुकराना अदा करूँ तेरा
किस तरह परवरदिगार
मोहब्बत के महीने मे भेजा हमें
इस जहाँ मे मेरे दिलदार के लिए
फाल्गुन की बनकर बहार
बरसाऊँ मैं बलम पर अपने प्रेम की फुहार
भीगें हम एक दूजे के प्रेम के रंग मे
तेरी रहमत भी बरसाना यूँ ही तू हर जन्म में।
