STORYMIRROR

Priyank Agrawal

Drama Romance

3  

Priyank Agrawal

Drama Romance

हाय !

हाय !

1 min
14.2K


हाय ! ये तेरी आँखें

देख ले जो भी मुसाफ़िर

भूल जाए अपनी राहें


हाय ! ये तेरी अदा

लुटा दे सिकन्दर भी

इनपे सारा जहांं


हाय ! ये तेरी ज़ुल्फ़ें

कह भी न सकूं

कुछ मैं खुल के


हाय ! ये तेरा इठलाना

यूँ इतराना

ले गया दिल यूँ ही

तेरा बेवजह ही यूँ बलखाना...!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Priyank Agrawal

Similar hindi poem from Drama