STORYMIRROR

Hemant Kumar Saxena

Comedy

3  

Hemant Kumar Saxena

Comedy

पहले और आज की पत्नी

पहले और आज की पत्नी

1 min
428

आता है याद वही जमाना,

जब पति के बटुए से पैसे निकालना,


जब पति के टंगे थे खुंटी पर कपड़े, 

चुपके से उनकी पैंट चैक करना,


कभी मिले बापस तो ठीक है,

मानो आज के हिसाब तो भीक है,


कल पत्नी को पैसे दे जाया करते थे,

आज पत्नी की ही सब सिखलाती है,


जब खुश थीं पत्नियाँ,

चब्बनी की लिपस्टिक पर भी,


आज हजार की साड़ी पर,

भी मुँह बनाती हैं,


जब चलाते थे पति घर सौ में,

आज वही घर हजार में पत्नी चलाती हैं,


चौबीस घंटे बाहर रहने वाले पति को,

घर चलाने के नुस्खे बताती हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Comedy