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ललित सक्सैना

Romance

4  

ललित सक्सैना

Romance

पैगाम

पैगाम

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आज हमने एक पैगाम लिखा

प्यार का खत उसके नाम लिखा

हाल - ए - दिल बयां किया उसमे

तुमसे है मोहब्बत कबूल किया हमने

ये कागज़ पर लिखे कुछ लफ्ज़ नही

बल्कि इजहार - ए - मोहब्बत है मेरा

इल्तज़ा है रब से की मेरे इजहार को

मेरे यार का इकरार मिल जाए

मेरी धड़कनों में उसकी सांसे घुल जाए

जो वो मिल जाए तो सारा जहां मिल जाए।


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