पापा मेरे सब कुछ
पापा मेरे सब कुछ
मेरा साहस मेरा सम्मान हैं पापा
मेरी ताक़त मेरा सब कुछ मेरी पहचान हैं पापा
जाते जाते वो रोने का गम दे गये सब कुछ साथ
ले गए रोने को छोड़ गए
मुझे मेरे पापा की सूरत आज भी याद है
वो तो न रह लेकिन अपनी यादों का पिटारा रह गया।
ऊपर से सब अपने नज़र आते है लेकिन कोई मेरे साथ नहीं।
ख्याल सब रखते है मेरा लेकिन आप वाली वो बात नहीं।
इतनी सारी तकलीफ है पापा तुम पास नहीं।
तुम्हारी ये गुड़िया टूट चुकी अब तो कोई आस नहीं।
