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Kawaljeet GILL

Tragedy

4  

Kawaljeet GILL

Tragedy

पापा की सीख ....

पापा की सीख ....

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तेरी दी हुई हर सीख याद है मुझको तेरी कही हर बात आज भी याद है,

पापा की दुलारी पापा की परी आज भी दिल से पापा की याद करती है,

पापा तूने मुझे उंगली पकड़ कर चलना सिखाया झूला अपनी बाहों का झुलाया था,

तेरी दी हर सीख को कैसे भुला सकती हूँ मैं,

ये दुनिया के रास्ते है टेढ़े मेढ़े है हर पल साया बन कर साथ रहते हो तुम,

हर बुराई से दूर रखते हो मुझको जब भी रास्ता भटक जाऊं सही राह दिखाते हो तुम,


क्यों जिंदगी के इस सफर में तन्हा छोड़ गए मुझको,

तेरा प्यार तेरा अशीर्वाद हर पल मुझको चाहिए था,

जब भी दर्द दुनिया से मिलता है तेरी कमी मुझको खलती है,

तुझको दिल बार बार याद करता है और आंखों से अश्क बहते है,

ख्वाबो में आकर फिर तुम हम को दिलासा देते हो,

मेरी लाडो हर पल तेरे करीब हूँ कभी ना डरना कभी ना हारना,

हर पल कोशिश करती रहना कोशिश करने वालो की हार नही होती,

सच ही कहते है मेरे पापा उनकी हर सीख हर पल याद रखती हूं ।


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