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Nivish kumar Singh

Abstract

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Nivish kumar Singh

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ओ प्यारी तेरी प्यारी मुस्कान

ओ प्यारी तेरी प्यारी मुस्कान

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ओ प्यारी तेरी प्यारी मुस्कान

कर देगी मेरा बहुत नुकसान

करो न मुझे अभी परेशान

रहने दो जीवन को सुनसान

समय हैं बहुत मूल्यवान

प्राप्त करना इसी में ज्ञान

बढ़ाने दो पहले भारत कि शान

प्रेम करना भी होगा तब आसान

भरोसा करो मैं हूँ सत्यवान

समय उचित नहीं वर्तमान

ओ प्यारी तेरी प्यारी मुस्कान

तेरा मेरा अभी दोनों का नुकसान।। 


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