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Shalvi Singh

Fantasy

3  

Shalvi Singh

Fantasy

नयी मैं (New Me)

नयी मैं (New Me)

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इस नए साल की तरह मैं भी कुछ नया सा निखरती हूँ, 

हर दिन बस हर रात तुमको ही याद करती हूँ, 

घंटों की तो कोई गिनती भी नहीं है मेरे पास, 

पर मिनटों में प्यार की परिभाषा को पढ़ती हूँ। 

तुम कहते थे न की मुझे प्रेम नहीं दिखता, 

इसलिए अब तुमको महसूस करती हूँ। 

कभी याद जो चेहरा किसी पन्ने पर था, 

अब वो हक़ीक़त की हर डूबी शाम में

पढ़ती हूँ। 

वो बातें साथ खूबसूरत मुलाकातें अकसर

याद आती हैं, 

तो याद आने पर अकस्मात उन्हें ख्वाबों में

बुनती हूँ। 

आज एक नयी मैं और नए से तुम मेरे

हमसफ़र की हर कहानी का पहला

अक्षर मैं बुनती हूँ ।


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