STORYMIRROR

Pratibha Jain

Children

3  

Pratibha Jain

Children

नया साल

नया साल

1 min
198

खुशियों भरा नया साल आया है 

 गले मिल ले मेरे भाई नया साल आया है 

 उम्मीदों का चिराग हर दिल में जलाया है 

 गिले सिकवे दूर करो नया साल आया है 

 

बीते साल ने सभी को बहुत सताया है

  कितने अपने जुदा होगए 

  कोरोना काल ने  क्या कहर ढाया है

  पुराने जख्मों को भरने ये नया साल है 

 

 खुश रहो खुशियां बाँटो 

  दबे कुचलों को गले लगाओ 

  प्यासे की प्यास भूखे की भूख मिटाओ

  नया साल आया है नया साल आया है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Children