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लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

Classics

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लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

Classics

नव वर्ष का संकल्प

नव वर्ष का संकल्प

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नव सृजन से हो नव वर्ष का आगाज़,

मेरे शब्द बने मुजलिमों की आवाज़!

हर कोई ख़ुशहाल हो नूतन वर्ष में,

नव वर्ष में न्याय धर्म का हो राज!!


मेरे सद्कर्म बने अखबार की सुर्खियां,

हर इंसान के आँखों में हो खुशियां!

हैवानियत व अत्याचार का अंत हो,

नव वर्ष में न डूबे किसी की कश्तियाँ!!


प्राणियों में सृजन का नव संचार हो,

नैतिकता का सब जगह ही प्रचार हो!

लोभ को तजने का हम संकल्प लें,

नव वर्ष में मनुजता न लाचार हो!!


नव वर्ष में अच्छा करने का संकल्प लें,

वर्ष के अंत तक लगन से उसे पूरा करें!

बुरी बातें छोड़ सीखे हम अच्छी आदतें,

उपलब्धियों से हम अपना जीवन भरें!!


ईर्ष्या, वैमनस्यता, कटुता हम छोड़ दें,

नव संकल्प लेकर आत्मबल हो खड़ें!

सद्भावना व समरसता का हो समर्थन,

अन्याय, शोषण के खिलाफ़ हम लड़े!!


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