राही अंजाना
Tragedy
मोहब्बत के ख्वाब ने ये कैसा इत्तेफ़ाक कर दिया,
दिल्लगी ने धड़कन को ही दिल के खिलाफ कर दिया।
अच्छी खासी तो चल रही थी ज़िन्दगी "राही" अपनी,
फिर क्या हुआ जो इस नशे ने तुम्हें ख़ाक कर दिया।
बन्धन राखी का
नज़र आती है
विज्ञान
राम का नाम
स्वतंत्र विचा...
साकार सपना
वचन
सुफल
राज़
भूल गया
तुमने जगत जननी नारी को निर्वस्त्र दिखाया है। तुमने जगत जननी नारी को निर्वस्त्र दिखाया है।
दीये तले अंधेरे को दूर करना है बनना तुझे रोशनी का कलंदर है। दीये तले अंधेरे को दूर करना है बनना तुझे रोशनी का कलंदर है।
यह पथिक भी खिलखिलाता, खिन्न मन से ना मुस्कुराया होता। यह पथिक भी खिलखिलाता, खिन्न मन से ना मुस्कुराया होता।
जहां तक पड़ रही थी निगाहें, धुआं ही धुआं था फैला। जहां तक पड़ रही थी निगाहें, धुआं ही धुआं था फैला।
तेरी खुशी मुझे सारे जहां की खुशियां देती है। तेरी खुशी मुझे सारे जहां की खुशियां देती है।
आर्थिक - मानसिक संतुलन बनाने में, इंसान पिस रहा। आर्थिक - मानसिक संतुलन बनाने में, इंसान पिस रहा।
बिन भ्रम असली पहचान ही लेगी, मधुमक्खी और प्यारी सी तितली। बिन भ्रम असली पहचान ही लेगी, मधुमक्खी और प्यारी सी तितली।
लिखो आज तुम कुछ उन मजदूरों के नाम ! लिखो आज तुम कुछ उन मजदूरों के नाम !
जंगल काटे, सागर पाटे, हिंसा और रक्तपात किया। जंगल काटे, सागर पाटे, हिंसा और रक्तपात किया।
ना एक गलती रास्ते की कांटों सें मंजिलों तक चुभती रह जाये। ना एक गलती रास्ते की कांटों सें मंजिलों तक चुभती रह जाये।
धक्का देकर आज भगाया, जानवर ही ठीक था मजदूर क्यों बनाया। धक्का देकर आज भगाया, जानवर ही ठीक था मजदूर क्यों बनाया।
अच्छे काम का भी होता है नशा उसका शौक पालो वही करो नशा। अच्छे काम का भी होता है नशा उसका शौक पालो वही करो नशा।
आज फिर से हम से मैं और तुम बन गए। आज फिर से हम से मैं और तुम बन गए।
मर्यादा पुरुषोत्तम थे रघुवर, पर नारी को अग्नि कसौटी तोला! मर्यादा पुरुषोत्तम थे रघुवर, पर नारी को अग्नि कसौटी तोला!
मेरा बोझा उठाने का दम भर, जेबें अपनी भर जायें मेरा बोझा उठाने का दम भर, जेबें अपनी भर जायें
तुम्हारे मुख पर क्यों इतनी पीड़ा उभर आई है तुम्हारे मुख पर क्यों इतनी पीड़ा उभर आई है
खारेपन का वही अहसास, जो तेरे पास, वो नहीं मेरे पास। खारेपन का वही अहसास, जो तेरे पास, वो नहीं मेरे पास।
जरा देखना इसे सड़क का यह भिखारी भी कभी धनवान था। जरा देखना इसे सड़क का यह भिखारी भी कभी धनवान था।
ये सब दुकानदार अब नहींं दिखते जो सड़कों पर चलते फिरते थे ! ये सब दुकानदार अब नहींं दिखते जो सड़कों पर चलते फिरते थे !