नफा मुनाफा की बराबर हिस्सेदारी
नफा मुनाफा की बराबर हिस्सेदारी
ज़ब सोच लिया तो फिर भला कैसी लाचारी ;
जीवन में आगे बढ़ने की अब करनी है तैयारी !
आरजूएँ अपने दिल की ना खत्म करेंगे सारी ;
तन और मन पर ना रखेंगे अब कोई बोझ भारी !
खुद की भी करेंगे फिकर और करेंगे ऐयारी ;
अपनों को भी संग ले चलेंगे जब ली जिम्मेदारी !
कोई बैठे ऐसे ठाले ना कोई बने हारी जुआरी ;
कठिन परिश्रम व धैर्य से दूर करेंगे अब बेरोजगारी !
सबका साथ मिलेगा और सबसे होगी यारी ;
नफे मुनाफे की होगी एकदम बराबर हिस्सेदारी !
सफलता का नशा ना सिर पर चढ़े जैसे तारी ;
ध्यान रखना होगा कि घमंड की ना चढ़े खुमारी !
डरना ना होगी कि तकलीफें भी रोड़ा कंकरारी ;
कभी हो सकते अस्वस्थ कभी घेर सकती है बिमारी !
मेहनत करना होगा सबको पूरकश बारी बारी ;
लक्ष्य हासिल करने को चाहिए श्रम और ईमानदारी !
सांसे हैं ज़ब तक ना हो मौत का फरमान जारी ;
कर्म करते रहेंगे निभाएंगे ज़िन्दगी से पूरी वफ़ादारी।
