नमन
नमन
तुम हो सबके अंतर में,
तुमसे ही है जीवन का संग्राम।
हर धड़कन में, हर सांस में,
तुम हो मेरे परम आत्मा का धाम।
तुम ही हो सृजनकर्ता,
तुमसे ही है सृष्टि का विस्तार।
तुम्हारे बिना कुछ भी नहीं,
तुमसे ही जगत में है प्रकाश का संचार।
तुम्हारी मूरत में है शांति का वास,
तुम्हारी कृपा से होता है हर हृदय का उद्धार।
तुम ही हो पालनहार, तुम ही हो संहारक,
तुमसे ही होता है हर जीवन का प्रहार।
प्रभु, तेरा नाम लेते ही मन में आ जाती है शांति,
तेरे बिना हर दिन अधूरा, तुझसे ही है हर संतुष्टि।
तू ही है सबका सहारा, तू ही है सबसे प्यारा,
हे भगवान, तेरे चरणों में ही है जीवन का सारा आधार।
**~ तेरे चरणों में नमन, हे भगवान।**
