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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

"नमन करता हूं 26-11 शहीदों को"

"नमन करता हूं 26-11 शहीदों को"

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मैं नमन करता हूं, 26-11 के शहीदों को

मैं अदब करता हूं, उन हिन्द सैनिकों को

जिन्होंने पूरे हिंद को आतंकमुक्त किया,

जिन्होंने मिटा दिया, आतंकी लकीरों को


अब नहीं होते है, यहां 26-11 जैसे हमले

नमन करता हूं, बदली हुई विदेश नीति को

मैं नमन करता हूं, 26-11 के शहीदों को

मैं सजदा करता हूं, हिंद धर्मनिरपेक्षता को


अब हम शत्रु को घर में घुसकर मारते है

सेल्यूट, सर्जिकल स्ट्राइक की शमशीरों को

पावन मानता हूं, बहती हुई उन समीरों को

जो छू आती है, सीमा पर खड़े फौजियों को


मैं नमन करता हूं, उन कलम के वीरों को

जिन्होंने जगाया, यहां सोए हुए ज़मीरों को

मैं नमन करता हूं, 26-11 के शहीदों को

मैं वंदन करता हूं, हिंद के अमर शहीदों को


हमारे देश में, सब के लिये एक कानून है,

मैं नमन करता हूं, भारत के संविधान को

कश्मीर से कन्याकुमारी एक नागरिकता,

नमन करता हूं, हिंद इकहरी नागरिकता को


पग-पग पर यहां वीरों की सुनते गाथा है,

शीश कटे धड़ लड़े ऐसी यहां की गाथा है,

नमन करता हूं, इस माटी के रखवालों को

मैं नमन करता हूं, 26-11 के शहीदों को


कोई हमारी एकता को तोड़ नहीं सकता,

मैं नमन करता हूं, आपसी भाईचारे को

भारत माँ, हमारी जननी से भी बढ़कर है

यह कोरी जमीं नहीं, हमारी सांसो का घर है


मैं गर्व करता हूं, यहां की विपुलथातियों पर

सजदा करता हूं, मातृभूमि की रहमतों को

अनेकता मैं एकता ही हमारी विशेषता है

मैं वंदन करता हूं, हर पत्थर, घर-बार को


इंसान क्या, जानवर, पत्थर भी पूजे जाते है,

मैं खुदा मानता हूं, इस मातृभूमि को

कोई भी जन्म हो, हर बार हिंद ही वतन हो,

हर दिन रब से यही दुआ करता हूं, कयामत को।



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