STORYMIRROR

वैधविक (विशाल भारद्वाज)

Romance

3  

वैधविक (विशाल भारद्वाज)

Romance

निष्काम प्रेम

निष्काम प्रेम

1 min
12.8K

प्रेमिका से प्रेम तो सब करते हैं

कभी बिना प्रेमिका के प्रेम करके देख लो।


पूरे जमाने से ही चाहे क्यों ना दुश्मनी ले लो,

बस एक बार श्री राधा नाम ले कर तो देख लो।


डूबती हुई कश्ती भी पार लग जाएगी,

श्री वृंदावन बिहारी को याद करके तो देख लो।


सफर, डगर, सागर सब पार हो जाएगा,

श्री राधाकृष्ण के चरणों में रह कर तो देख लो।।


मन भी प्रेममय हो जाएगा,

एक बार व्रजधाम जा कर तो देख लो।


सब कुछ पा लेगा तू भी,

एक बार कृष्ण माटी को माथे पर लगा कर तो देख लो।


आंख बन्द करते ही पा लेगा तू अपनी प्रेमिका को भी,

एक बार श्री राधे का ध्यान लगा कर तो देख लो।


आज कल के प्रेम की तो सब बात करते है,

एक बार निष्काम प्रेम करके तो देख लो।


श्री राधा जी के चरणों में ही तो प्रेम है,

बस एक बार याद करके तो देख लो।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance