वैधविक (विशाल भारद्वाज)
Inspirational Others
स्वर्ण मुद्राएं यश कीर्ति, चंद आमोद ना ले पाए,
'वैधविक' कर्म जो करता जाए आह्लाद को ले पाए।
शीर्षक : वर्त...
कृष्ण ज्ञान
अवचेतन मन
आह्लाद
इश्क़
अखंड भारत
बवाल
एक सुबह उठूंग...
निष्काम प्रेम
मै हूं अखंड भ...
रचना जो मेरा कर्म है भाव जो मेरा मर्म है मैं रचनाकार हूँ बस मन की करता हूँ हाँ हाँ मैं भी लिखता... रचना जो मेरा कर्म है भाव जो मेरा मर्म है मैं रचनाकार हूँ बस मन की करता हूँ ...
कौन है देश रक्षक कौन जन भक्षक ये जानकार देना पहले क्या जरूरी देश या स्वार्थ लोभ ये मानकर देना बह... कौन है देश रक्षक कौन जन भक्षक ये जानकार देना पहले क्या जरूरी देश या स्वार्थ लो...
हिम्मत बनाए रख.... तपने दे खुद को वक्त की भट्ठी मॆं। अगर आज सोना है तो निकलना कल हीरा बनकर । हिम्मत बनाए रख.... तपने दे खुद को वक्त की भट्ठी मॆं। अगर आज सोना है तो निकलना...
मैं जीना चाहती हूँ मेरे बच्चों तुम्हारे लिए फिर से जीवनदायिनी बनना चाहती हूँ मेरे उजड़े किनारों क... मैं जीना चाहती हूँ मेरे बच्चों तुम्हारे लिए फिर से जीवनदायिनी बनना चाहती हूँ ...
लहू से रंगीन होने वाली वो, मैं रवानी भी लिख सकता हूँ। लहू से रंगीन होने वाली वो, मैं रवानी भी लिख सकता हूँ।
सफ़र बीती बचपन की आई जवानी, शुरू हो चली अब नयी एक कहानी। कोई अजनबी रात की तन्हाई में, बजाने लगा ... सफ़र बीती बचपन की आई जवानी, शुरू हो चली अब नयी एक कहानी। कोई अजनबी रात की तन्...
जीवन राग सुनाती आ जाती, देती ठंडी छाँव। जीवन राग सुनाती आ जाती, देती ठंडी छाँव।
छोड़े ना अब इन चरणन को वे ही लगायेंगे मेरी नौका पार...। छोड़े ना अब इन चरणन को वे ही लगायेंगे मेरी नौका पार...।
पर बूझाना भी चाहे तो और जल जाऊंगी यकीन नहीं तो कर ले तू थोड़ी प्रतिक्षा, अग्नि से उलझने वाले तेरी ... पर बूझाना भी चाहे तो और जल जाऊंगी यकीन नहीं तो कर ले तू थोड़ी प्रतिक्षा, अग्नि...
अब सूरज बनकर चमकेगी वो आज एक नारी सब पर भारी है, क्योंकि ये आज की नारी है। अब सूरज बनकर चमकेगी वो आज एक नारी सब पर भारी है, क्योंकि ये आज की नारी है।
चाहे कुछ भी हो जाए मैं हार नहीं मानूँगी। चाहे कुछ भी हो जाए मैं हार नहीं मानूँगी।
जानो अपनी कीमत तुम, अब जाग के फिर ना सो जाना। जानो अपनी कीमत तुम, अब जाग के फिर ना सो जाना।
जब से ख़ुशियों को जकड़ा है ग़म कुछ चिढ़ कर दूर खड़ा है मूर्ख समझने वालों पर अब थोड़ा तो परिहास लि... जब से ख़ुशियों को जकड़ा है ग़म कुछ चिढ़ कर दूर खड़ा है मूर्ख समझने वालों पर अब...
भोली-भाली प्यारी-प्यारी माँ होती है सबसे न्यारी। भोली-भाली प्यारी-प्यारी माँ होती है सबसे न्यारी।
भवतारिणी मान इस सिंधु को तू यात्रा का आनंद उठा। भवतारिणी मान इस सिंधु को तू यात्रा का आनंद उठा।
ये बच्चे कौन हैं? कहाँ से आएं हैं ? किसे खबर है हमारे हुक्मरान तो सिर्फ वोट के इंतज़ार में रहते हैं ये बच्चे कौन हैं? कहाँ से आएं हैं ? किसे खबर है हमारे हुक्मरान तो सिर्फ वोट के ...
हे राष्ट्रप्रहरी ! हे राष्ट्र सपूत ! नमन करूँ तुझको शत बार। हे राष्ट्रप्रहरी ! हे राष्ट्र सपूत ! नमन करूँ तुझको शत बार।
हर उम्र एक क्लास है, समय और अनुभव अध्यापक है, हमको बस सीखते जाना है। हर उम्र एक क्लास है, समय और अनुभव अध्यापक है, हमको बस सीखते जाना है।
जलती है चिंगारी जिसके अंदर जिंदा बस वही इंसान हैं बाकी दफनायी हुई मरघट की लाशें जिंदा भी है तो धर... जलती है चिंगारी जिसके अंदर जिंदा बस वही इंसान हैं बाकी दफनायी हुई मरघट की लाशे...
देते हो सदा सुख पलकों को, फिर क्षण में ओझल हो जाते हो ! देते हो सदा सुख पलकों को, फिर क्षण में ओझल हो जाते हो !