STORYMIRROR

वैधविक (विशाल भारद्वाज)

Inspirational Others

2  

वैधविक (विशाल भारद्वाज)

Inspirational Others

आह्लाद

आह्लाद

1 min
164

स्वर्ण मुद्राएं यश कीर्ति, चंद आमोद ना ले पाए,

'वैधविक' कर्म जो करता जाए आह्लाद को ले पाए। 


  



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational