STORYMIRROR

Mahesh Sharma Chilamchi

Tragedy

3  

Mahesh Sharma Chilamchi

Tragedy

निरर्थक लोग

निरर्थक लोग

1 min
244

लोग बाज़ आते नहीं,

करें निरर्थक बात,


आतंकी नेताओं की,

एक जैसी है जात,


एक जैसी है जात,

भटके को नहीं समझाते,


बिना बात की बात,

बरगला कर भड़काते,


कहे चिलमची पुचकारे से,

नहीं कटेगा रोग,


दंड भेद की भाषा को ही,

अब समझेंगे लोग।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy