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Mahesh Sharma Chilamchi

Abstract

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Mahesh Sharma Chilamchi

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नूतन किरण

नूतन किरण

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तिमिर घन है,

आओ जलाएं दिए,

सघन वन है, 


आओ जलाएं दिए,

दिवाकर की रश्मि,

जो घन ढांप ले,


चलो मिल के,

हम सब जलाएं दिए,

तिमिर घन है,


आओ जलाएं दिए,

व्याधि का राज़ ज्यादा,

न चल पाएगा,


भानु नूतन किरण, 

स्वास्थ ले आएगा,

दुःख वेदना जाएंगी,


जग से सारी,

सुफल होंगे तूने,

करम जो किए,


तिमिर घन है,

आओ जलाएं दिए।


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