निर्जला
निर्जला
यूँ ही तो नहीं स्त्रियाँ निर्जला रहकर
पतियों की लंबी उम्र की कामना करती हैं,
आपको क्या लगता है कि वो
- आपके सिर्फ प्रेम में ऐसा करतीं हैं...?
क्योंकि प्रेम करना तो उनका प्राकृतिक स्वभाव है।
सोचो ज़रा, पतियों से क्यों उनका इतना ख़ास लगाव है...?
चलो, इस पहेली को मैं सुलझाती हूँ,
ये पति-प्रेम की परिभाषा आज सबको बताती हूँ...।
स्त्रियाँ प्रेम करतीं हैं जीवन के रंगों से,
स्त्रियाँ प्रेम करतीं हैं रंग-बिरंगे कपड़ों से।
स्त्रियाँ प्रेम करतीं हैं सोलह-श्रृंगार से,
स्त्रियाँ प्रेम करतीं हैं अपनी मुस्कान से,
स्त्रियाँ प्रेम करतीं हैं अपने जीवन की खुशियों से...।
उनके इसी प्रेम को पुरुषों ने आधार बनाया,
लाकर अपने से छोटी पत्नी,
पति से पहले मरने की इच्छा का संस्कार सिखाया
क्योंकि...
जीवन का हर रंग पति के जाते ही उससे छीन लिया जाता है,
एक जीती-जागती स्त्री को लाश बना दिया जाता है।
खुरच-खुरच कर उसके जीवन से
खुशियों को निकाला जाता है।
रंगहीन जीवन जीने से हर स्त्री डरती है,
बस इसीलिए वो निर्जला रहकर
तुम्हारी लंबी उम्र की कामना करतीं है।
