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Nitu Maharaj

Tragedy

4  

Nitu Maharaj

Tragedy

निकल पड़े थे लोग शहर से

निकल पड़े थे लोग शहर से

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निकल पड़े थे लोग शहर से 

जब हवा जहरीली आई थी 

चीख मची थी हाहाकार मची थी

 ये कैसी बीमारी आई थी 

टूट गया नाता लोगो से 

अकेले हुए थे लोग वहां 

वीरान पड़ी थी गली ,मुहल्ले 

लगती थी पहले भीड़ जहां 

कोई बंद पड़ा कई दिनों से घर में 

कोई थक के बैठ गया सफर में 

हर तरफ उदासी छाई थी ,

निकल पड़े थे लोग शहर से 

जब हवा जहरीली आई थी।



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