पुनीत श्रीवास्तव
Children
बच्चे जब सो जाते हैं बदमाशियां लिए आँखों में,
ज़िन्दगी ठहर सी जाती है सुस्त हो के रातों में !
बचपन
नब्बे के दशक ...
नींद
आवाजें !
मच्छरदानी !
गली मोहल्लों ...
ज़िन्दगी!
काँच की गोलिय...
रोमांच!
बचपन !
गुरुग्रंथ और बाइबिल में, छिपा जीव कल्याण।। गुरुग्रंथ और बाइबिल में, छिपा जीव कल्याण।।
औरों के लिए ना सही मगर हमारे लिए तो फिर हर दिन यहाँ त्योहार है।।। औरों के लिए ना सही मगर हमारे लिए तो फिर हर दिन यहाँ त्योहार है।।।
प्रगति और विकास का आनंदोत्सव है। देखो आत्मनिर्भर भारत का ये महोत्सव है। प्रगति और विकास का आनंदोत्सव है। देखो आत्मनिर्भर भारत का ये महोत्सव है।
सर्द हवाओं में लिपटे हुए, हमारी जाने कितनी ही मुलाकातें हुई थी I सर्द हवाओं में लिपटे हुए, हमारी जाने कितनी ही मुलाकातें हुई थी I
ख़ुशी का नहीं लफ्ज़ है आज़म यहाँ तो दुखी की किताब है। ख़ुशी का नहीं लफ्ज़ है आज़म यहाँ तो दुखी की किताब है।
बच्चों की काल्पनिक दुनिया है, युवा-वर्ग की अभिलाषा, बच्चों की काल्पनिक दुनिया है, युवा-वर्ग की अभिलाषा,
कभी हंसती, तो कभी रुलाती है किताब कभी हंसती, तो कभी रुलाती है किताब
छोड़ देते है सरहद कश्मीर की दुश्मनों से जब भी लड़ता देश है छोड़ देते है सरहद कश्मीर की दुश्मनों से जब भी लड़ता देश है
शीश नवाता है "धीरू" ऐसी एक बालिदानी को नानी याद दिला दी थी जिसने गोरी चमड़ी वालों को शीश नवाता है "धीरू" ऐसी एक बालिदानी को नानी याद दिला दी थी जिसने गोरी च...
आओ फिर से घी के दीप जलाएं। आओ सब मिलकर खुशियां मनाएं। आओ फिर से घी के दीप जलाएं। आओ सब मिलकर खुशियां मनाएं।
मत हमको मजदूर बनाइए इनसे हमको ज्ञान देकर किताब को हमारा गुरु बनाइए , मत हमको मजदूर बनाइए इनसे हमको ज्ञान देकर किताब को हमारा गुरु बनाइए ,
ओ सुबह! तुम क्यों? इतनी प्यारी हो, क्यूं तुम मेरी ही दुलारी हो। ओ सुबह! तुम क्यों? इतनी प्यारी हो, क्यूं तुम मेरी ही दुलारी हो।
दूर गगन की स्वर्णिम तितली तुम क्यों पास न आ जाती ? दूर गगन की स्वर्णिम तितली तुम क्यों पास न आ जाती ?
बात है यादों के खट्टे मीठे नजारो की घर का फिर मंदिर बनजाना, सौगात है त्योहारों कि।। बात है यादों के खट्टे मीठे नजारो की घर का फिर मंदिर बनजाना, सौगात है त्योहारो...
है आखिरी मेरी ख्वाहिश दुनिया में रहे अमन. है आखिरी मेरी ख्वाहिश दुनिया में रहे अमन.
अब तक माँ ने पाला उसको, अब वो फ़र्ज़ निभायेगा। खूब करेगा सेवा उनकी, हर दम हाथ बटायेगा। अब तक माँ ने पाला उसको, अब वो फ़र्ज़ निभायेगा। खूब करेगा सेवा उनकी, हर दम हाथ ब...
बस हो हितकर की बस अपने देश को ऊँचा रखने की । बस हो हितकर की बस अपने देश को ऊँचा रखने की ।
देख नजारा इस मौसम का, दिल हर्षाता सब जन का।। देख नजारा इस मौसम का, दिल हर्षाता सब जन का।।
गरिमा सबकी यों बनी रहे, ज्यों गगन सूर रहे शाश्वत। गरिमा सबकी यों बनी रहे, ज्यों गगन सूर रहे शाश्वत।
ये हमें सही तरीके से जीवन को जीना सिखाती है। ये हमें सही तरीके से जीवन को जीना सिखाती है।