पुनीत श्रीवास्तव
Children
बच्चे जब सो जाते हैं बदमाशियां लिए आँखों में,
ज़िन्दगी ठहर सी जाती है सुस्त हो के रातों में !
बचपन
नब्बे के दशक ...
नींद
आवाजें !
मच्छरदानी !
गली मोहल्लों ...
ज़िन्दगी!
काँच की गोलिय...
रोमांच!
बचपन !
कितनों ने स्वतंत्रता की खातिर देश पर अपनी जान निछावर कर डाली कितनों ने स्वतंत्रता की खातिर देश पर अपनी जान निछावर कर डाली
प्रकृति के रुप हैं कितने सभी निराले खूबसूरत हैं कितने। प्रकृति के रुप हैं कितने सभी निराले खूबसूरत हैं कितने।
5 जून यानी, विश्व पर्यावरण दिवस। आज ही 1974 में, मना था पहला दिवस।।।। 5 जून यानी, विश्व पर्यावरण दिवस। आज ही 1974 में, मना था पहला दिवस।।।।
एक नई मेरी सहेली बनी थी, बड़ी वो चुलबुली थी, बस बातें ही बातें कोरी थी। एक नई मेरी सहेली बनी थी, बड़ी वो चुलबुली थी, बस बातें ही बातें कोरी थी।
बसंत ऋतु आई- आई -आई सबकी मनोहर वसंत ऋतु आई। बसंत ऋतु आई- आई -आई सबकी मनोहर वसंत ऋतु आई।
रूठना नहीं, झुकना नहीं, कोई भी आए मुश्किल, डट कर बढ़ते जाना है। रूठना नहीं, झुकना नहीं, कोई भी आए मुश्किल, डट कर बढ़ते जाना है।
माँ की ममता से दुनिया जीती जाती है, माँ की दुआ से सफलता हासिल की जाती है। माँ की ममता से दुनिया जीती जाती है, माँ की दुआ से सफलता हासिल की जाती है।
अब गिरे तब गिरे धड़ाम, काम हुआ अब तो तमाम, दो बिल्ली के बच्चे..! अब गिरे तब गिरे धड़ाम, काम हुआ अब तो तमाम, दो बिल्ली के बच्चे..!
रविवार का दिन था वो रविवार का दिन था वो
आज जबसे आई है घर में प्यारी नानी ; तबसे खुशी से नाच रही है गुड़ियारानी ! आज जबसे आई है घर में प्यारी नानी ; तबसे खुशी से नाच रही है गुड़ियारानी !
आया वसंत लाया बाहार खुशियाँ का मेला अपार। आया वसंत लाया बाहार खुशियाँ का मेला अपार।
एक केंद्र में कर स्थापित , दिनकर को रख आता कौन? एक केंद्र में कर स्थापित , दिनकर को रख आता कौन?
गर्मी की छुट्टियां है आईं, अब ना होगी हमसे पढ़ाई। गर्मी की छुट्टियां है आईं, अब ना होगी हमसे पढ़ाई।
दैनिक जीवन में विज्ञान कर रहा है बड़ा कमाल। दैनिक जीवन में विज्ञान कर रहा है बड़ा कमाल।
पेड़ अपने अंकुर के साथ मुस्कुराते हैं कोमल पत्तों और खिले हुए फूलों की, पेड़ अपने अंकुर के साथ मुस्कुराते हैं कोमल पत्तों और खिले हुए फूलों की,
श्रेष्ठ योद्धाओं में शामिल हैंं, नेतृत्व अहिल्याबाई होलकर। श्रेष्ठ योद्धाओं में शामिल हैंं, नेतृत्व अहिल्याबाई होलकर।
मौसम की प्रशंसा सुन आलस भी आक्रमण कर देता, मौसम की प्रशंसा सुन आलस भी आक्रमण कर देता,
सूरज दादा प्यारे दादा, हम को भी बतलाओ ना। कैसे आ गये हो नभ में, ये भी तो समझाओ ना। सूरज दादा प्यारे दादा, हम को भी बतलाओ ना। कैसे आ गये हो नभ में, ये भी त...
भोर भये उठ सबसे पहले , नव किरण संग तुम आती हो। भोर भये उठ सबसे पहले , नव किरण संग तुम आती हो।
है हिन्दुस्तान एक लेकिन धर्म यहां अनेक हैं, अनेकता में बसती एकता ऐसा मेरा देश है। है हिन्दुस्तान एक लेकिन धर्म यहां अनेक हैं, अनेकता में बसती एकता ऐसा मेरा देश...