पुनीत श्रीवास्तव
Children
बच्चे जब सो जाते हैं बदमाशियां लिए आँखों में,
ज़िन्दगी ठहर सी जाती है सुस्त हो के रातों में !
बचपन
नब्बे के दशक ...
नींद
आवाजें !
मच्छरदानी !
गली मोहल्लों ...
ज़िन्दगी!
काँच की गोलिय...
रोमांच!
बचपन !
तितली तितली परियों की रानी। तितली तितली परियों की रानी।
पुस्तकें है हर युग की नारी पुस्तकें है हर युग की नारी
जीवन में गर आगे है बढ़ना सूरज के संग तुम भी उठना! जीवन में गर आगे है बढ़ना सूरज के संग तुम भी उठना!
कदर जो करें माँ "की पाप धुलजाये उसकी हर जन्म की। कदर जो करें माँ "की पाप धुलजाये उसकी हर जन्म की।
माँ तुम अपनी लाठी लेकर बादल को हटा दो, या अपने गुस्से से तुम उसको ज़रा डरा दो, माँ तुम अपनी लाठी लेकर बादल को हटा दो, या अपने गुस्से से तुम उसको ज़रा डरा दो,
तितली रानी कितनी सुन्दर सबके मन को भाने वाली इन फूलों पर बैठ-बैठकर, अपनी कला दिखाने। तितली रानी कितनी सुन्दर सबके मन को भाने वाली इन फूलों पर बैठ-बैठकर, अपन...
मेरे लिए तो मेरी माँ सब से महान। मेरे लिए तो मेरी माँ सब से महान।
माँ की ममता जग में माँ की ममता जग में
दर-बदर की खाए ठोकर फिर भी नाम से कहलाये जोकर। दर-बदर की खाए ठोकर फिर भी नाम से कहलाये जोकर।
होंठ फिर मुस्कुरा दिए होंठ फिर मुस्कुरा दिए
चीजें हमारी है इसमें सारी चीजें हमारी है इसमें सारी
आज भी मुझे याद है मेरी मिट्टी की वो गुल्लक, लाल रंग की मटके जैसी! आज भी मुझे याद है मेरी मिट्टी की वो गुल्लक, लाल रंग की मटके जैसी!
एक सच्चा दोस्त आपका परिवार होता है। एक सच्चा दोस्त आपका परिवार होता है।
चश्मा पहने हर बच्चा , साइंटिस्ट मुझे नज़र आता। चश्मा पहने हर बच्चा , साइंटिस्ट मुझे नज़र आता।
फुदक-फुदक कर पीने जल को आई कोयल रानी। फुदक-फुदक कर पीने जल को आई कोयल रानी।
पंख लगाकर फिर से उड़ चली मेरी सवारी। पंख लगाकर फिर से उड़ चली मेरी सवारी।
जान सभी की बचा दी कीमत बचत की समझा दी। जान सभी की बचा दी कीमत बचत की समझा दी।
एक बार हम निकल पड़े, जाने को बाजार, पांच रुपैया देने का, अम्मा को हुआ विचार।। एक बार हम निकल पड़े, जाने को बाजार, पांच रुपैया देने का, अम्मा को हुआ व...
लेकिन जिन्दगी कीमत बड़ी छोटी होते जा रही हैं। लेकिन जिन्दगी कीमत बड़ी छोटी होते जा रही हैं।
ऊंच नीच की बेड़ी टूटे राग-द्वेष सब पीछे छूटे। ऊंच नीच की बेड़ी टूटे राग-द्वेष सब पीछे छूटे।