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पुनीत श्रीवास्तव

Abstract

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पुनीत श्रीवास्तव

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बचपन

बचपन

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एक फ़ारगो का डिब्बा 

कुछ गोलियाँ काँच वाली 

ख़ाली माचिसें बहुत ढेर सारी 

लट्टू और उसकी रस्सियाँ

कुछ चवन्नियाँ दस बीस के सिक्के 

एक छोटा चाक़ू खुलने वाला 

रबड़ की कुछ गेंदे रंग बिरंगी 

ख़ुद से बनाया एक लकड़ी का बैट

एक गुलेल उसके साथ कुछ छोटे कंकड़ 

एक पेड़ पकड़ी का मैना के झुण्ड से भरा 

एक पुआल का ढेर

सुलगते कउड़े 

कोहरे से मिलता धुआँ

सतिल्लो के सात छोटे से बड़े पत्थर 

एक गोल पहिया

लकड़ी में तार बांध के उसी से चलता हुआ

ढ़िबरी लालटेन की रौशनी

पीले बल्ब चालीस साठ वॉट के 

एक कतार से रखी कापियां 

एक स्याही की बोतल और ड्रापर 

बस्ते और टिफिन

व्यापार के नोट ,

लूडो शतरंज की गोटियां

कटिया मछली पकड़ने के लिए

लँगड़ी साईकिल पहले फिर सीट पर 

कॉमिक्स की दीवानगी ......

हम और हमारे बचपन की सल्तनत

इतनी अमीरी आजकल के बचपन में कहाँ !!!




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