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Haseeb Anwer

Romance

4  

Haseeb Anwer

Romance

नए नए है

नए नए है

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हम अभी नए नए है ..इस शहर की गलियों में 

अपनी पुरानी यादें ज़रा हमसे गुफ्तगू कर लो।

दिल भी लगा लेंगे तुमसे ये वादा रहा मेरा 

मगर दिल लगाने से पहले तुम वजू कर लो।


इश्क़ जब मज़हबी खेलों में उलझ जाए 

प्यार इस तरह हो कि सारे रिश्ते सुलझ जाए

तुम्हारी अदाओं पर मरते है बेशक़ यहाँ सभी 

कुछ ऐसा मत करो कि सारे के सारे निपट जाए।


मेरी हस्ती यही कही दफन हो जाएगी 

तुम्हारी ओढ़नी भी कभी कफन हो जाएगी 

ये जो तुम नैनों से वार करते रहते हो

एक न एक दिन यहा भी मैदान -ए- जंग हो जाएगी।


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