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Anu Gangwal

Inspirational


2.5  

Anu Gangwal

Inspirational


नदी की आत्मकथा

नदी की आत्मकथा

1 min 173 1 min 173


मैं नदी हूँ

चलना मेरा काम

बाधा आए या आंधी तूफान

बस चलना मेरा काम 

ना रुकना है ना थकना है

बस निरंतर चलते ही जाना है


मुझे भी अच्छा लगता है

साफ सुथरा स्वच्छ रहना

मत करो मुझे यूँ गद मैला

निश्चय करो आज

कूड़ा कूड़ेदान में ही डालोगे अब

मुझे भी रहना है 

सूंदर स्वच्छ और साफ

ये प्रण लो सब आज

नदी को स्वच्छ रखोगे

मिलकर साथ।



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