STORYMIRROR

Anu Gangwal

Drama

3  

Anu Gangwal

Drama

पत्र जो लिखा

पत्र जो लिखा

1 min
277

बहुत दिनों से तुमसे एक बात कहनी थी

पर शायद समय के साथ खो गयी वो बात

वो खट्टी मीठी बात


एक खूबसूरत सी लड़की की

हा वही जो तुम सोच रही हो

सुनो हां तुम सुन रही हो ना 

हां तुम ही


तुम ही से तो कहनी थी ये बात 

तुम यूँ ही हँसो, मुस्कुराओ,

गाओ गुनगुनाओ


इस समाज के डर से खुद के

लिए ज़ीना मत छोड़ो

तुम बेख़ौफ़, बेपरवाह

बेबाक सी बन जाओ


लड़ो अपने सपनों के लिए

पा लो एक नया मुकाम।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama