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Anu Gangwal

Romance


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Anu Gangwal

Romance


बैरी चाँद

बैरी चाँद

1 min 171 1 min 171

चाँद तेरा रूप बहुत निराला है 

जो भी तुझे देखे तेरा हो जाता है


मिलो कभी हमसे भी इस तरह

मिलती है चांदनी तुमसे जिस तरह


घंटो बैठकर बातें करेंगे हज़ार

फिर चाय पर बैठकर किस्से सुनाएंगे दो चार


सोचा था सुनेगा कभी तू मेरी भी

करेगा बातें हज़ार मुझसे भी


पर चाँद तू बड़ा बैरी हैजाने क्यूँ

नखरें दिखता है मुझे छोड़ किसी और के

पास चला जाता है।


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